Saturday, 21 May 2016

जानें चिकनपॉक्‍स के लिए कैसे करें नीम का प्रयोग

आजकल हम बीमारियों के लिए पश्चिमी चिकित्‍सा पद्धति का प्रयोग करते हैं, और इसकी अच्‍छाइयों को झुठलाया नहीं जा सकता है। लेकिन इसकी साइड इफेक्‍ट के रूप में कई खमियां भी है। इस मामले में भारतीय आयुर्वेदिक चिकित्सा काफी बेहतर है और इनमें से कुछ उपचार तो अब घरेलू हो चुके हैं। ऐसी ही कुछ दवाओं में है नीम। आयुर्वेद में नीम की अपनी एक खास जगह है। नीम को लेकर भारत में एक कहावत भी प्रचलित है कि जिस धरती पर नीम के पेड़ होते हैं वहां बीमारी कैसे हो सकती है।
neem for chicken pox in hindi


नीम की पत्तियां चिकनपॉक्‍स के इलाज में बहुत काम आती हैं। यह चिकनपॉक्‍स का इलाज करने और इसे आगे बढ़ने से रोकने के लिए यह सबसे बेहतरीन औषधि है। यदि चेचक की शुरुआत में ही इस घरेलू औषधि का इस्तेमाल कर लिया जाये तो इसे एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलने से रोका जा सकता है।


चिकनपॉक्‍स एक वायरल इंफेक्‍शन है। यह रोग हवा के माध्यम से या एक संक्रमित व्यक्ति के छाले से लार, बलगम या तरल पदार्थ के संपर्क में आने से फैल सकता है। चिकनपॉक्‍स होने पर शरीर पर लाल रंग के छोटे-छोटे दाने निकलने लगते है। जब चिकनपॉक्‍स किसी व्यक्ति को हो जाता है तो इस रोग को ठीक होने में 10-15 दिन लग जाते हैं। लेकिन इस रोग में चेहरे पर जो दाग पड़ जाते हैं उसे ठीक होने में लगभग 5-6 महीने का समय लग जाता है। नीम की पत्तियां चेचक के इलाज में काम ली जाती हैं। तो आइए जानते हैं चिकनपॉक्‍स के होते ही आप नीम का इस्तेमाल कैसे करें..


नीम की पत्तियों पर सोना चाहिए

एक्सपर्ट के अनुसार चिकनपॉक्‍स होने पर आपको सोते समय हल्के कपड़े पहनने और नीम की पत्तियों के बिस्तर पर सोना चाहिए। इन पत्तियों के प्राकृतिक रस से आपकी त्वचा को बहुत अच्छा अनुभव होता है। यदि इस इलाज को नियमित रूप से किया जाये तो चिकनपॉक्‍स की खुजली और दागों से निजात पाई जा सकती है। 


नीम की पत्तियों के पानी से नहाना

नीम की पत्तियों को पानी में उबाल उस पानी से नहाने से चर्म रोग दूर होते हैं और ये खासतौर से चेचक के उपचारमें सहायक होता है और उसके विषाणु को फैलने न देने में सहायक होता है। चिकनपॉक्‍स होने पर दानों में बहुत खुजली होती है, इस खुजली से निपटने के लिए आपको नीम की पत्तियों के पानी से नहाने से काफी राहत मिलती है। इसके लिए गुनगुने पानी से भरे टब में नीम की पत्तियां डालें। इसे लगभग 10 मिनट तक डूबने दें। इस पानी से दिन में एक बार नहाने से आपको चिकनपॉक्‍स से निजात मिलेगी। 


नीम की पत्तियों का पेस्ट

नीम की पत्तियों का पेस्ट त्वचा के लिए स्वास्थ्यवर्धक और अच्छा है, क्योंकि इससे त्‍वचा तरोताजा हो जाती है। इसके लिए एक मुट्ठी नीम की पत्तियां लेकर उनका पेस्‍ट बना लें। नीम के पानी से नहाने के बाद चिकनपॉक्‍स वाले हिस्‍से पर इस पेस्ट को लगा लें। हालांकि इससे त्वचा में खुजली हो सकती है, लेकिन त्वचा के इलाज के लिए बहुत अच्छा उपाय है। 


नीम की पत्तियों का जूस

यदि आप पेस्‍ट का इस्‍तेमाल नहीं करना चाहते, तो त्‍वचा पर नीम की पत्तियों का जूस भी लगा सकते हैं। नीम का जूस बनाने के लिए पेस्‍ट बनाने के बाद उसे निचोड़कर जूस बनाया जा सकता है। नीम की पत्तियों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीवायरल तत्व होने के कारण यह त्‍वचा के लिए बहुत प्रभावशाली होता है। यह न केवल दागों से मुक्ति दिलाता है, बल्कि इंफेक्‍शन को फैलने से भी रोकता है। 

अगर आप भी चिकनपॉक्‍स के लिए घरेलू उपायों की खोज कर रहे हैं तो आप नीम का इस तरीके से इस्‍तेमाल कर सकते हैं।

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